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परिवार का ज्योतिष

संतान और संतान योग

संतान के प्रश्न — कितने और कब — संतान के पाँचवें भाव, गुरु (संतान का कारक), सप्तांश (D7) विभाजन कुंडली, और इन्हें सक्रिय करने वाली दशा-अवधि से देखे जाते हैं। यह हब आपकी अपनी कुंडली में संतान योग जाँचने के उपकरण और परिभाषाएँ जोड़ता है।

Birth chart calculator

Generate your kundli to read the 5th house of children and its lord.

Dasha calculator

Childbirth timing tracks the dasha of the 5th lord or Jupiter — find your current period.

Guru (Jupiter)

The natural significator of children and the key planet for santaan yoga.

पाँचवाँ भाव और गुरु

संतान मुख्य रूप से पाँचवें भाव (संतान), उसके स्वामी, और प्राकृतिक कारक गुरु से देखी जाती है। मज़बूत और निर्दोष पाँचवाँ भाव व गुरु संतान योग को सहारा देते हैं; इसके बाद सप्तांश (D7) कुंडली से आकलन को और सटीक किया जाता है।

संतान कब संभव है

समय पाँचवें भाव के स्वामी और गुरु की दशा से पढ़ा जाता है, और इसे पाँचवें भाव पर गुरु के गोचर का सहयोग मिलता है। विवाह और करियर की तरह, यह निश्चित तिथि नहीं बल्कि अनुकूल अवधि बताता है।

सामान्य प्रश्न

ज्योतिष के अनुसार मेरे कितने बच्चे होंगे?

वैदिक ज्योतिष संतान की संख्या और संभावना पाँचवें भाव, उसके स्वामी और गुरु की मज़बूती से पढ़ता है, जिसे सप्तांश (D7) कुंडली और सटीक बनाती है। यह सटीक गिनती के बजाय प्रवृत्ति और अनुकूल समय बताता है, और इसके लिए सही जन्म समय चाहिए।

संतान योग क्या है?

संतान योग कुंडली का वह योग है जो संतान-प्राप्ति को सहारा देता है — मज़बूत व निर्दोष पाँचवाँ भाव और उसका स्वामी, साथ में अच्छी स्थिति वाला गुरु। इसकी अनुपस्थिति या पीड़ा देरी का संकेत दे सकती है, जो अक्सर किसी बाद की मज़बूत दशा में दूर होती है।

मुझे संतान कब होगी — मेरी कुंडली क्या कहती है?

संतान का समय पाँचवें भाव के स्वामी या गुरु की दशा से जुड़ा होता है, जिसे पाँचवें भाव पर गुरु के गोचर का सहयोग मिलता है। सबसे संभावित अवधि वह है जब इनमें से कोई दशा मज़बूत पाँचवें भाव के साथ चले, जो आपके सटीक जन्म विवरण से पढ़ी जाती है।